Bihar teacher supreme court judgement Equal work for Equal pay

Name of the post-पिछली तिथि को अदालत द्वारा दिए गए सलाह को नहीं मानना पड़ा महंगा, एरियर के साथ देना पड़ेगा समान वेतन।

Post Date-15-03-2018
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समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में आज हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने देश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। अदालत में स्पष्ट कहा कि समान काम के लिए समान वेतन देना होगा। इसमें किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं हो सकता है ।

 

अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि जो चपरासी शिक्षकों को स्कूलों में उन्हें पानी पिलाने का काम करते हैं और शिक्षकों को उनसे कमतर वेतन कैसे दिया जा रहा है ? राज्य सरकार की दलील थी कि सरकार के पास पैसे नहीं है इस कारण समान वेतन दे पाना संभव नहीं है।

राज्य सरकार का कहना था कि 60% राशि केंद्र सरकार को सहयोग करना है और 40% की राशि राज्य सरकार को उस में सहयोग देना है। किंतु विगत वर्षों में केंद्र सरकार राज्य सरकार को अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही और अपना पर्याप्त अंशदान नहीं दे रही है। इस कारण काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। देश मे सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत केंद्र सरकार का सहयोग नहीं मिल पाने के कारण शिक्षकों को समान वेतन दे पाना संभव नहीं है ।

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इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस देश के अंदर शिक्षा का अधिकार अधिनियम और सर्व शिक्षा अभियान लागू नहीं होता तो क्या यहां के बच्चों को राज्य सरकार शिक्षा नहीं देती? यह गलत दलील देकर शिक्षकों को उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है । आपको पिछली सुनवाई की तिथि को भी हमने बताया था कि जब राज्य सरकार पैसे की कमी का रोना रो रही थी तो अदालत ने एक सलाह दिया था और कहा था कि आप आज से भी समान वेतन दे दीजिए तो एरियर को यहीं समाप्त कर देते हैं और इसके साथ ही इस मामले को समाप्त कर दिया जाए । किंतु राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता ने बहस जारी रखा तो इसके बाद अदालत ने टिप्पणी की थी कि इसका मतलब है कि आप एरियर भी देना चाह रहे हैं और आज यह सच साबित हुआ । अब समान काम का समान वेतन तो देना ही पड़ेगा । उच्च न्यायालय के आदेश को अक्षरशः लागू करना पड़ेगा।

केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग के अभाव में एरियर दे पाने में राज्य सरकार द्वारा असमर्थता जताने जाने पर अदालत ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल Narsimha साहब से पूछा कि भारत सरकार कितना सहयोग कर सकती है? तो उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पैसा नहीं दे सकती है। इसके बाद अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि हम यहाँ सलाह देने के लिए नहीं बैठे हैं । हम आदेश देने के लिए बैठे हैं और हम आदेश देंगे और आपको एरियर भी देना पड़ेगा । एक सलाह के रूप में अदालत ने कहा कि यदि संभव हो तो 50% राशि राज्य सरकार और 50% केंद्र सरकार आपस में सहयोग करके एरियर का भुगतान करे। इस पर दोनों सरकारों को अदालत ने कहा कि एरियर भुगतान मे किसकी कितनी – कितनी हिस्सेदारी होगी यह तय करके आएँ ।

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27 तारीख को अगली सुनवाई होगी और उस दिन अदालत अपना निर्णय सुना देगा । निश्चित रूप से अदालत का निर्णय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में जुड़ने वाला निर्णय होगा। समान काम का समान वेतन आपको मिलना तय है । जहां तक एरियर का सवाल है तो अब यह भी मिल जाना तय है।
। धन्यवाद ।

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*SLP NO :- 572/2018*

*मुद्दा:- समान काम समान वेतन*

*सुप्रीम कोर्ट दिल्ली से लाइव अपडेट ORDER के साथ*

*सुप्रीम कोर्ट आर्डर*

बिहार के तमाम TET-STET उतीर्ण नियोजित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट दिल्ली से

 

 

Www.visiontoday.in  team का नमस्कार

अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायधीश आदर्श कुमार गोयल, नरीमन और नवीन सिन्हा के खंडपीठ में आज की सुनवाई के बाद का आदेश आ गया है

*आदेश में कहा गया है Arrear राशी से संबंधित मामले पर फिलहाल विचार नहीं करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के वकील निर्देश ले कि हाइकोर्ट के फैसले के अनुसार वर्तमान वेतन देना संभव है कि नहीं?*

🙏🙏सुप्रीम कोर्ट से🙏🙏

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